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Yellow Sapphire Silver Ring – (Energized – मंत्र द्वारा पवित्र/शुद्ध किया हुआ)

8,500.00 6,100.00

  • Jyotish Yagishala
  • Product material : Silver
  • Net Weight (in gms) : 7
  • Product type : Ring
  • Stone Used : Sapphire
  • Secondary Stone Used : Sapphire
  • No. Of Coloured Stone : 1
  • Coloured Stone Carat : 5.25
  • Indian Standard Ring Size:Adjustable
  • Certification : Self certified
  • Jewellery Care : Keep it away from perfume/Sprays and water
  • BIS Hallmark : No
  • Disclaimer : Product colour may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings
SKU: jy282 Category:

Description

पुखराज पीले रंग का एक बेहद खूबसूरत रत्न है। इसे बृहस्पति ग्रह का रत्न माना जाता है। पुखराज की गुणवत्ता आकार, रंग तथा शुद्धता के आधार पर तय की जाती है। पुखराज (Pukhraj or Yellow Sapphire) तकरीबन हर रंग में मौजूद होते हैं, लेकिन जातकों को अपनी राशि के अनुसार इन पुखराज को धारण करना चाहिए।
पुखराज के तथ्य (Facts of Pukhraj or Yellow Sapphire)
पुखराज के बारे में बताया जाता है कि जिन जातकों की कुंडली में बृहस्पति कमज़ोर हो उन्हें पीला पुखराज धारण करना चाहिए।
पुखराज के लिए राशि (Pukhraj for Rashi)
धनु तथा मीन राशियों के जातकों के लिए पुखराज धारण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
पुखराज के फायदे (Benefits of Pukhraj in Hindi)
* पुखराज धारण करने से मान सम्मान तथा धन संपत्ति में वृद्धि होती है।
* यह रत्न शिक्षा के क्षेत्र में भी सफलता प्रदान करवाता है।
* इस रत्न से जातकों के मन में धार्मिकता तथा सामाजिक कार्य में रुचि होने लगती है।
* विवाह में आती रुकावटें तथा व्यापार में होता नुकसान से बचने के लिए भी पीला पुखराज धारण करने की सलाह दी जाती है।
पुखराज के स्वास्थ्य संबंधी लाभ (Health Benefits of Pukhraj)
* ज्योतिषी मानते हैं कि जिन जातकों को सीने की दर्द, श्वास, गला आदि रोगों से परेशानी है तो उन्हें पुखराज धारण करना चाहिए।
* अल्सर, गठिया, दस्त, नपुंसकता, टीबी, हृदय, घुटना तथा जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए भी पुखराज का उपयोग किया जाता है।
कैसे धारण करें पुखराज (How to Wear Yellow Sapphire)
पुखराज गुरुवार के दिन धारण करना चाहिए। धारण करने से पूर्व पीली वस्तुओं विशेषकर जो बृहस्पति से संबंधित हो उनका देना चाहिए। बृहस्पति से संबंधित कुछ वस्तुएं हैं केला, हल्दी, पीले कपड़े आदि। माना जाता है कि पुखराज हमेशा सवा 5 रत्ती, सवा 9 रत्ती, सवा 12 रत्ती की मात्रा में धारण करें। पुखराज धारण करने से पहले इसकी विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए। बिना ज्योतिषी की सलाह और कुंडली देखे बिना पुखराज या अन्य रत्न नहीं धारण करने चाहिए।
पुखराज का उपरत्न (Substitutes of Yellow Sapphire)
पुखराज के स्थान पर रत्न ज्योतिषी धिया, सुनैला, सुनहला या पीला हकीक पहनने की भी सलाह देते हैं।

पुखराज की ज्योतिषीय विशेषता Astrological Characteristics of Yellow Sapphire 

बृहस्पति ग्रह का रत्न पुखराज पीली आभा लिये होता है.यह गहरा पीला, हल्का पीला एवं सफेद भी होता है.छूने में ठोस, चिकना, चमकीला, दाग़ धब्बा रहित पुखराज उत्तम होता है.दूध में रात भर रखने से असली पुखराज क्षीण नहीं होता है और न ही इसका रंग फीका होता है.पुखराज धारण करने से पहले अच्छी तरह जांच परख लेना चाहिए कि रत्न दोष रहित हो.

पुखराज धारण करने से लाभ Astrological Benefits of wearing Yellow Sapphire
जिस व्यक्ति की कुण्डली में बृहस्पति नीच का होता है अथवा कमजोर होता है उनके लिए पुखराज धारण करना लाभप्रद होता है.पुखराज अध्यात्म, सत्यता, लनशीलता और सजगता का प्रतीक होता है.प्रेमियो के लिए यह भाग्यशाली रत्न माना जाता है.मानसिक शांति एवं आत्मिक शांति के लिए भी यह रत्न लाभकारी होता है.इस रत्न को धारण करने से वाणी सम्बन्धी दोष एवं गले की पीड़ा से राहत मिलती है.प्राचीन यूनान में इसे अपोलो देवता द्वारा प्रदान किया गया माना जाता था जिसका उपयोग कई प्रकार के रोगों के ईलाज के लिए किया जाता था.ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस कन्या की शादी में बार बार बाधा आ रही हो वह अगर पुखराज धारण करती हैं तो विवाह में बाधक तत्व का अंत होता है और जल्दी शादी होती है

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