गुण मिलान की वैज्ञानिक व्याख्या

   गुण मिलान की वैज्ञानिक व्याख्या  प्राचीन विद्वानों ने वर वधू के सफल वैवाहिक जीवन के लिया मेलापक को महत्वपूर्ण माना है. मेलापक से वर वधू की शारीरिक व मानसिक स्थिति के साथ दोनों के विचार गुण अवगुण जनन शक्ति स्वास्थ्य शिक्षा व संभावित आर्थिक स्थिति आदि के बारे में जान...

रुद्राक्ष धारण करने के फायदे और मंत्र

रुद्राक्ष धारण करने के फायदे और मंत्र 1- एक मुखी रुद्राक्ष लक्ष्मी प्राप्ति के साथ ही भोग और मोक्ष की कामना करनेवालों को एकमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए और इसे धारण करने का मंत्र है ऊँ ह्रीं नम: 2- दो मुखी रुद्राक्ष समस्त कामनाओं की पूर्ति के लिए दो मुखी रुद्राक्ष...

उत्तम संतान प्राप्ति के लिए

उत्तम संतान प्राप्ति के लिए किसी भी देश का भविष्य बालकों पर निर्भर करता है जो दम्पति सुविचारी, सदाचारी एवं पवित्रात्मा हैं तथा शास्त्रोक्त नियमों के पालन में तत्पर हैं ऐसे दम्पति के घर में दिव्य आत्माएँ जन्म लेती हैं ऐसी संतानों में बचपन से ही सुसंस्कार, सदगुणों के...

कालगणना और इसके मात्रक : Chronology and its Units

कालगणना और इसके मात्रक : (Chronology and its Units) 6 प्राण (Breath) = 1 पल (विनाडी) = 24 Seconds 60 पल (विनाडी) = 1 नाडी (= घटी = घड़ी) = 24 Minutes 2 घटी = 1 मुहूर्त्त = 1 क्षण = 48 Minutes 60 नाडी (घटी) = 30 मुहुर्त्त = 1 अहोरात्र = 24 Hours 7 अहोरात्र = 1 सप्ताह...

कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति

*कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति* 1).चांडाल योग=गुरु के साथ राहु या केतु हो तो जातकको चांडाल दोष है 2).सूर्य ग्रहण योग=सूर्य के साथ राहु या केतु हो तो 3). चंद्र ग्रहण योग=चंद्र के साथ राहु या केतु हो तो 4).श्रापित योग -शनि के साथ राहु हो तो दरिद्री योग होता है...
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