गायत्री मन्त्र

गायत्री मन्त्र गायत्री मन्त्र १ . ॐ तत् पुरुषाय विद्महे , वक्र तुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात । ( गणेश गायत्री ) २ . ॐ नारायणाय विद्महे , वासुदेवाय धीमही तन्नो विष्णु प्रचोदयात् । ( विष्णु गायत्री ) ३ . ॐ तत् पुरुषाय विद्महे , महादेवाय धीमहि तन्नौ रुद्र...

श्रीसूक्तम्

श्रीसूक्तम् आनन्दकर्दम चिक्लीत जातवेद – ऋषि श्री देवता , १ – ३ अनुष्टुप् ४ प्रस्तारपंक्ति ५ – ६ त्रिष्टुप् और १५ प्रस्तारपंक्ति छन्द हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्यमयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ हे अग्निदेव । सुवर्ण के समान...

वास्तुशास्त्र का उद्देश्य

वास्तुशास्त्र का उद्देश्य वास्तुशास्त्र का परम उद्देश् है किसी भवन, आवास अथवा ईमारत का निर्माण सही हुआ है या नहीं, क्या उसमे कोई दोष है? तो आइये वास्तु की अवधारणा को समझने का प्रयास करें, प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए विविध प्राकृतिक बलों जैसे जल, पृथ्वी, वायु,...

घर में कहाँ और कैसा हो बच्चों के रहने और पढ़ने का स्थान ?

घर में कहाँ और कैसा हो बच्चों के रहने और पढ़ने का स्थान? हमारे घर में प्रायः बच्चों अथवा किशोरवय युवाओं के लिए घर में एक कक्ष होता है जहाँ वह आराम के साथ-साथ अपनी पढ़ाई-लिखाई करते हैं । पर आज के युग में सबके पास बच्चों के लिए अलग कक्ष हो यह जरूरी नहीं, अगर हम धनाढ्य...

देवी अर्गलास्तोत्रम्

।। देवी अर्गलास्तोत्रम् ।। ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमंत्रस्य विष्णुर्ऋषिः अनुष्टुप्छन्दः श्री महालक्ष्मीर्देवता, श्री जगदम्बाप्रीत्यर्थे सप्तशतीपाठाङग्त्वेन जपे विनियोगः ॐ नमश्चण्डिकायै ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा...
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